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दशमलव और भिन्न – संपूर्ण नोट्स

1. भिन्न क्या है?

किसी पूर्ण वस्तु या मात्रा के बराबर भागों में से लिए गए भाग को भिन्न कहते हैं।

भिन्न को सामान्यतः p/q के रूप में लिखा जाता है, जहाँ q ≠ 0

उदाहरण:

3/5

यहाँ:

  • 3 = अंश
  • 5 = हर

अर्थात किसी वस्तु के 5 बराबर भागों में से 3 भाग लिए गए हैं।

2. अंश (Numerator)

भिन्न में ऊपर लिखी संख्या को अंश कहते हैं।

उदाहरण:

7/9

यहाँ 7 अंश है।

3. हर (Denominator)

भिन्न में नीचे लिखी संख्या को हर कहते हैं।

उदाहरण:

7/9

यहाँ 9 हर है।

महत्वपूर्ण: किसी भिन्न का हर 0 नहीं हो सकता।

4. उचित भिन्न (Proper Fraction)

जिस भिन्न में अंश < हर हो, उसे उचित भिन्न कहते हैं।

उदाहरण:

2/5, 3/7, 8/11

क्योंकि इनमें अंश हर से छोटा है।

5. अनुचित भिन्न (Improper Fraction)

जिस भिन्न में अंश ≥ हर हो, उसे अनुचित भिन्न कहते हैं।

उदाहरण:

7/5, 9/4, 12/6

यहाँ अंश हर से बड़ा या बराबर है।

6. मिश्र भिन्न (Mixed Fraction)

जिस संख्या में एक पूर्ण संख्या और एक उचित भिन्न दोनों हों, उसे मिश्र भिन्न कहते हैं।

उदाहरण:

2 1/3

यहाँ:

  • 2 = पूर्ण संख्या
  • 1/3 = उचित भिन्न

7. मिश्र भिन्न को अनुचित भिन्न में बदलना

उदाहरण:

2 1/3

सूत्र:

(पूर्ण संख्या × हर + अंश) / हर

= (2 × 3 + 1) / 3

= 7/3

अतः:

2 1/3 = 7/3

8. अनुचित भिन्न को मिश्र भिन्न में बदलना

उदाहरण:

11/4

11 को 4 से भाग दें:

11 ÷ 4 = 2 शेष 3

इसलिए:

11/4 = 2 3/4

9. समतुल्य भिन्न (Equivalent Fractions)

जिन भिन्नों का मान समान होता है, उन्हें समतुल्य भिन्न कहते हैं।

उदाहरण:

1/2 = 2/4 = 3/6 = 4/8

इन सभी का मान 0.5 है।

10. भिन्न को सरल करना

भिन्न के अंश और हर को उनके HCF से भाग देने पर भिन्न सरलतम रूप में आ जाती है।

उदाहरण:

12/18

12 और 18 का HCF = 6

इसलिए:

12 ÷ 6 / 18 ÷ 6

= 2/3

अतः 12/18 का सरलतम रूप 2/3 है।

11. दशमलव संख्या क्या है?

जिस संख्या में दशमलव बिंदु (.) का प्रयोग किया जाता है, उसे दशमलव संख्या कहते हैं।

उदाहरण:

2.5, 3.14, 0.75, 10.25

12. दशमलव के स्थान

उदाहरण:

25.438

यहाँ:

  • 2 = दहाई
  • 5 = इकाई
  • 4 = दशांश
  • 3 = शतांश
  • 8 = सहस्रांश

अर्थात:

25.438 = 25 + 4/10 + 3/100 + 8/1000

13. सांत दशमलव

जिस दशमलव संख्या के अंक कुछ स्थानों के बाद समाप्त हो जाते हैं, उसे सांत दशमलव कहते हैं।

उदाहरण:

0.5
0.25
2.75

14. असांत आवर्ती दशमलव

जिस दशमलव संख्या के अंक अनंत तक चलते हैं लेकिन कोई अंक या अंकों का समूह बार-बार दोहराता है, उसे असांत आवर्ती दशमलव कहते हैं।

उदाहरण:

1/3 = 0.3333…

यहाँ 3 बार-बार दोहर रहा है।

15. असांत अनावर्ती दशमलव

जिस दशमलव संख्या के अंक अनंत तक चलते हैं और कोई निश्चित क्रम दोहराता नहीं है, उसे असांत अनावर्ती दशमलव कहते हैं।

उदाहरण:

√2 = 1.414213562…

यह अपरिमेय संख्या का उदाहरण है।

16. भिन्न को दशमलव में बदलना

भिन्न के अंश को हर से भाग देने पर दशमलव प्राप्त होता है।

उदाहरण:

1/2 = 1 ÷ 2 = 0.5

इसी प्रकार:

3/4 = 3 ÷ 4 = 0.75

17. दशमलव को भिन्न में बदलना

उदाहरण:

0.75

दशमलव के बाद 2 अंक हैं, इसलिए हर 100 होगा।

0.75 = 75/100

HCF = 25

75/100 = 3/4

अतः:

0.75 = 3/4

18. भिन्नों की तुलना

यदि हर समान हों, तो जिस भिन्न का अंश बड़ा होगा, वह भिन्न बड़ी होगी।

उदाहरण:

3/7 और 5/7

क्योंकि 5 > 3

इसलिए:

5/7 > 3/7

अलग-अलग हर होने पर

उदाहरण:

2/3 और 3/5

LCM = 15

2/3 = 10/15
3/5 = 9/15

इसलिए:

2/3 > 3/5

19. भिन्नों का जोड़

समान हर होने पर

2/7 + 3/7

= 5/7

अलग-अलग हर होने पर

1/2 + 1/3

LCM = 6

1/2 = 3/6
1/3 = 2/6

इसलिए:

3/6 + 2/6 = 5/6

20. भिन्नों का घटाव

उदाहरण:

5/6 – 1/3

1/3 = 2/6

इसलिए:

5/6 – 2/6 = 3/6 = 1/2

अतः उत्तर = 1/2

21. भिन्नों का गुणा

दो भिन्नों का गुणा करने के लिए:

अंश × अंश
और
हर × हर

उदाहरण:

2/3 × 4/5

= (2 × 4)/(3 × 5)

= 8/15

22. भिन्नों का भाग

पहली भिन्न को दूसरी भिन्न के उल्टे (reciprocal) से गुणा करते हैं।

उदाहरण:

2/3 ÷ 4/5

= 2/3 × 5/4

= 10/12

= 5/6

23. दशमलव संख्याओं का जोड़

उदाहरण:

2.35 + 1.24

दशमलव बिंदु एक ही स्थान पर रखें:

2.35
+1.24
= 3.59

24. दशमलव संख्याओं का घटाव

उदाहरण:

5.75 – 2.25 = 3.50

अतः उत्तर = 3.5

25. दशमलव संख्याओं का गुणा

उदाहरण:

2.5 × 0.4

पहले 25 × 4 = 100

दोनों संख्याओं में कुल 2 दशमलव स्थान हैं।

इसलिए:

2.5 × 0.4 = 1.00 = 1

26. दशमलव संख्याओं का भाग

उदाहरण:

4.5 ÷ 0.5

दोनों को 10 से गुणा करें:

45 ÷ 5 = 9

अतः:

4.5 ÷ 0.5 = 9


परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • भिन्न = अंश/हर
  • हर कभी 0 नहीं हो सकता
  • अंश < हर → उचित भिन्न
  • अंश ≥ हर → अनुचित भिन्न
  • पूर्ण संख्या + उचित भिन्न → मिश्र भिन्न
  • 1/2 = 2/4 = 3/6 → समतुल्य भिन्न
  • 0.5 = 1/2
  • 0.25 = 1/4
  • 0.75 = 3/4
  • 0.333… = 1/3
  • भिन्नों के जोड़/घटाव में अलग-अलग हर होने पर LCM उपयोगी होता है।
  • भिन्नों के भाग में दूसरी भिन्न को उलटकर गुणा किया जाता है।
  • सांत दशमलव समाप्त होता है, जबकि असांत दशमलव समाप्त नहीं होता।

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NARAYAN SINGH

मैं नारायण सिंह मालावत, जवतरा गाँव, (जो की उदयपुर जिले में भिंडर के पास एक छोटा सा गाँव हैं) से हूँ और 2012 से शिक्षा विभाग में कार्यरत हूँ। मैं एक ब्लॉगर और यूट्यूबर हूँ, जहाँ मैं शिक्षा, सरकारी नौकरी और करियर से जुड़ी उपयोगी जानकारी साझा करता हूँ।

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